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Saturday, November 14, 2015

True lines in hindi


》 आँसू निकल पड़े खवाब मैं उसे दूर जाता देख कर,
आँख खुली तो एहसास हुवा इश्क सोते हुवे
भी रुलाता है.
》 हर एक लकीर, एक तजुर्बा है जनाब,
झुर्रियां चेहरों पर, यूँ ही आया नही करती….!!!!
》कब  तक लब्जो की कारीगरी करता रहूँ
समझ जाओ 🏼 ना में तुमसे प्यार  करता हूँ
》 उसकी चाहत के वो दो लम्हे जान लेवा थे
पहले मुहब्बत का इकरार💕
फिर मुहब्बत से इंकार
》 जिस जिस ने मुहब्बत में, अपने महबूब को खुदा कर दिया,
खुदा ने अपने वजूद को बचाने के लिए, उनको जुदा कर दिया.
》 ऐसा लगता है के मै टूट गया हूँ अन्दर से,
.
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बात करता हूँ तो आवाज़ खनकती है मेरी.....
》 लाइफ में कोई पार्टनर होना चाहिए
.
.
,नहीं तो मन
की बात स्टेटस पर करनी पड़ती
》 मौत तो यक़ीनन आनी है मुझको,
तु क्यू न मैं ? तुम पर ही मर जाऊ सनम.
》 हजार बहानो से याद आते हो
भूलने की एक वजह नही मिलती
》 तुमसे किसने कह दिया कि मुहब्बत की बाजी हार गए हम ???
अभी तो दांव मे चलने के लिए मेरी जान बाकी है..!!
》 कभी सोचा न था वो भी मुझे तन्हा कर जायेगी..
जो अक्सर मुझे परेशान देखकर कहती थीं “मै हूँ ना...!!!
》 वो चौराहा जहाँ चार आँखो की गुफ़्तगु होती थी
आज वहाँ दो आँखो मे इंतज़ार का मंज़र पाया गया।
》 हम नहीं जानते ये मोहब्बत है या कुछ और,तेरी
मुस्कराहट देख के दिल को सूकून मिलता है...!!!
》 उड़ने दो परिंदों को अभी शौख हवा में ,
फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते..!!
》 बहुत गजब का है, ये सिलसिला तेरी मोहब्बत का,
न तू कैद में रखती है, न जाने की इजाज़त देती है..
》 वो छा गये है कोहरे की तरह मेरे चारो तरफ...
न कोई दूसरा दिखता है ना देखने की चाहत है....
》 पत्थरो को गहनो से लदा देखा है.. नन्हे-नन्हे हाथो को 1-1 रूपये के लिए फैला देखा है
》 ‪‎Life‬ में ‪‎mostly‬ हमारा
‪#‎पहला_प्यार‬ अधूरा रह जाता है
लेकिन
जाते जाते  वो हमे ‪‎बहोत‬ कुछ सीखा जाता है
》 मेरे दिल और दिमाग,😴
लड़ते हैं आपस में दो मुल्कों की तरह तेरे लिए ....
इसमें तुम्हारा भी दोष नहीं,
तुम हो ही कश्मीर सी सुन्दर ॥
》 अब अगर तुम जाने ही लगे हो तो पलट कर मत देखना....
क्योकि मौत की सजा लिखने के बाद कलम तोड़ दी जाती है....
》 बैठे थे अपनी मस्ती में कि अचानक तड़प उठे,
आ कर तुम्हारी याद ने अच्छा नहीं किया
》 अब तो कमबख्त हिचकियां भी नही आती...
जो ये सोचूं कि याद किया है तुमने !
》 मुसाफिर हूँ एक दिन चला जाऊँगा
फिर पुरानी किताबो में सूखे फूलों सा याद
आऊँगा.
》इक बार उसने मुझे देखा था मुस्कुराकर,
इतनी तो है हकीकत बाकी कहानियां है..!!
》मुझे ख्वाबों में ही जीने दे,
.
झूठ ही सही तूं साथ तो है.. !!

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